सपने है... हथेलियों मे रखें है...
नाज़ुक है... कांच जैसे...
उंगलियों से संभाला है...
जगह सारी खुरदुरी है...
खिरचें न आ जाए... डर लगता है...
बहुत संभाल के रखा है...दिल के मरतबान मे...के कही गीर न जाए...फिसल न जाए ... उंगलियों के बीच से....
RiTti :)