कल काफी देर तक जलता रहा उस घर का दीया ...
जहाँ हर रोज़ शाम ढलते ही अन्धेरा हो जाता था...
बहुत अरसे बाद देखने को मिला था लोगो का हुजूम उस घर क आँगन में,
कल देखा तो लगा कि मौत भी कितना खुशकिस्मत बनाती है इंसा को...,
के जीतेजी... जिससे ना मिलने आता था कोई...उसके मरने पे पूरा का पूरा कुनबा मौजूद था....
best one till now :)
ReplyDeleteThis is Just Amazing.. Keep the good work on !! :)
ReplyDelete- Kopal
awesome
ReplyDeleteEk simple se thought ko kitni khoobsurati se shabdo mein bayaan kar deti hai :)
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