Thursday, July 28, 2011

रंग और शब्द ही तो है......

इतने सारे रंगों को एक कैनवास में समेटने की कोशिश की है..

बहुत संभाल क रंग चुना है मैंने,

अपनी पसंद नापसंद के अलावा इस बार तुम्हारे पसंद का भी ख़याल रखा है,

कुछ गाढे कुछ फीके रंग है, तुम्हारे पसंद का रंग भी डाला है,

ये आखरी कोशिश की है तुम्हे अपने तरीके से समझाने की,क्योंकि......

शब्दों के अलावा सिर्फ रंग ही तो है....जो तुम्हारे भी करीब है और मेरे भी..... :)

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